PM Awas New Gramin List – देश के ग्रामीण इलाकों में आज भी लाखों परिवार ऐसे हैं जो टूटे-फूटे और कच्चे मकानों में गुजर-बसर करने को विवश हैं। मानसून की मूसलाधार बारिश हो, कड़कड़ाती सर्दी हो या झुलसाती गर्मी — हर मौसम उनके लिए एक कठिन परीक्षा बन जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) इन परिवारों के लिए उम्मीद की एक बड़ी किरण बनकर सामने आई है।
क्या है यह योजना और 2026 में क्यों है खास?
PMAY-G केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी आवासीय योजना है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण गरीबों को उनका खुद का पक्का मकान दिलाना है। वर्ष 2026 में सरकार इस योजना के अंतर्गत एक नई लाभार्थी सूची तैयार करने की प्रक्रिया में है। इस सूची में उन्हीं परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पास अपना कोई पक्का आवास नहीं है और जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर वर्ग से ताल्लुक रखते हैं।
आवास प्लस सर्वे से होता है चयन
लाभार्थियों की पहचान के लिए सरकार आवास प्लस सर्वे का सहारा लेती है। इस सर्वे के तहत सरकारी अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि गांव-गांव जाकर परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का जायजा लेते हैं। साथ ही SECC-2011 डेटाबेस के आंकड़ों का भी उपयोग किया जाता है। इन दोनों स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पात्र परिवारों की एक अस्थायी सूची पंचायत स्तर पर प्रकाशित की जाती है।
उल्लेखनीय है कि यह सर्वे प्रक्रिया वर्ष 2025 में शुरू हुई थी और 2026 में इसे तेज गति से पूरा किया जा रहा है। अनेक राज्यों में अस्थायी सूचियां जारी भी हो चुकी हैं।
कितनी राशि मिलती है और किस्तें कैसे आती हैं?
इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता लाभार्थी के क्षेत्र के अनुसार भिन्न होती है —
- समतल मैदानी क्षेत्र — लगभग ₹1.20 लाख
- पहाड़ी व दुर्गम क्षेत्र — लगभग ₹1.30 लाख तक
यह राशि एकमुश्त नहीं बल्कि तीन किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त नींव व दीवारों के निर्माण पर, दूसरी किस्त छत निर्माण के दौरान और तीसरी किस्त मकान के पूर्ण होने पर जारी की जाती है। तीनों किस्तें सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती हैं। इसके अतिरिक्त शौचालय, बिजली और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएं भी अन्य सरकारी योजनाओं के तहत प्रदान की जाती हैं।
कौन-कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित श्रेणियों के परिवार पात्र माने जाते हैं —
- कच्चे या जर्जर मकानों में रहने वाले ग्रामीण परिवार
- अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लोग
- भूमिहीन मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के परिवार
- विधवा एवं परित्यक्ता महिलाएं
- महिला मुखिया वाले परिवार
विशेष रूप से, कई मामलों में मकान का पंजीयन परिवार की महिला सदस्य के नाम पर किया जाता है, ताकि महिलाओं को संपत्ति पर उनका कानूनी अधिकार सुनिश्चित हो सके।
अब तक क्या हुई प्रगति?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, PMAY-G के अंतर्गत अब तक 3.90 करोड़ से अधिक आवासों को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें से करीब 2.97 करोड़ घरों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अंतिम सूची जारी होने के बाद शेष पात्र परिवारों को भी किस्तें मिलना शुरू हो जाएंगी।
कैसे देखें अपना नाम सूची में?
यदि आप जानना चाहते हैं कि आपका नाम लाभार्थी सूची में शामिल है या नहीं, तो नीचे दिए गए तरीके से जांच करें —
- pmayg.dord.gov.in पर जाएं
- AwaasSoft या Stakeholders सेक्शन में जाएं
- IAY/PMAY-G Beneficiary विकल्प चुनें
- अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनकर सूची देखें
यदि ऑनलाइन सुविधा में कोई दिक्कत आए तो अपने ग्राम पंचायत कार्यालय या सरपंच से सीधे जानकारी ली जा सकती है।
जरूरी बातें जो ध्यान में रखें
- एक परिवार को इस योजना का लाभ केवल एक बार ही मिलेगा।
- राशि प्राप्त करने के लिए बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है।
- यदि किसी पात्र परिवार का नाम सर्वे में छूट गया हो तो वह पंचायत स्तर पर लिखित शिकायत दर्ज कर सकता है।
- सभी जरूरी दस्तावेज — आधार कार्ड, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र — पहले से तैयार रखें।
निष्कर्ष: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 2026 देश के उन करोड़ों जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार करने का एक ठोस सरकारी प्रयास है, जो अब तक पक्की छत से वंचित रहे हैं। अगर आप भी इस योजना के पात्र हैं, तो समय रहते अपनी जानकारी अपडेट करें और सरकारी सूची पर नजर बनाए रखें।


